Fatiha Padhne Ka Aasan Tarika
Fatiha Ki Dua, Fatiha Ka Tarika, दरूद शरीफ और Darood Sharif in Hindi आसान Indian Urdu/Hindustani भाषा में।
दोस्तों, आज हम आपको Fatiha Padhne Ka Aasan Tarika आसान भाषा में बताएंगे। अगर आप fatiha ki dua, fatiha ka tarika, दरूद शरीफ और darood sharif in hindi तलाश कर रहे हैं, तो यह पूरी गाइड आपके लिए है।
फातिहा क्या है?
फातिहा के बारे में आम तौर पर यह माना जाता है कि कुरआन शरीफ की आयात और सूरह की तिलावत करके उसका सवाब किसी खास शख्स या मरहूम को पहुँचाने की नीयत की जाती है। इसे कई घरों और इलाकों में इसाले-सवाब के लिए किया जाता है।
फातिहा में क्या-क्या पढ़ा जाता है?
- सबसे पहले दरूद शरीफ
- 1 मर्तबा सूरह काफिरून
- 3 मर्तबा सूरह इख्लास
- 1 मर्तबा सूरह फलक
- 1 मर्तबा सूरह नास
- 1 मर्तबा सूरह फातिहा
- सूरह बकराह की शुरुआती आयात
- आयत-ए-खामसह
- आखिर में फिर दरूद शरीफ और दुआ
Fatiha Padhne Ka Aasan Tarika
सबसे पहले वुज़ू करके क़िबला रुख बैठ जाएँ। जिस तबर्रुक या खाने की चीज़ पर फातिहा देना चाहते हैं, उसे सामने रख लें। दिल में नीयत करें कि आप अल्लाह तआला की रज़ा के लिए कुरआन शरीफ की तिलावत कर रहे हैं और इसका सवाब जिसको पहुँचाना चाहते हैं, उसके लिए इसाले-सवाब की दुआ करेंगे।
इसके बाद दरूद शरीफ और कुरआन शरीफ की संबंधित सूरह व आयात पढ़ें। आखिर में दरूद शरीफ पढ़कर अल्लाह तआला से दुआ करें।
1. दरूद शरीफ
बिस्मिल्ला-हिर्रहमा-निर्रहीम
अल्लाहुम्मा सल्ले अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मदिन कमा सललेता अला इब्राहिम व अला आलि इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद। अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मदिन कमा बारकता अला इब्राहिम व अला आलि इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद।
اللّٰهُمَ بَارِكْ عَلٰی مُحَمَّدٍ وَّ عَلٰٓی اٰلِ مُحَمَّدٍ كَمَا بَارَكْتَ عَلٰٓی اِبْرٰهِیْمَ وَعَلٰٓی اٰلِ اِبْرٰهِیْمَ اِنَّكَ حَمِیْدٌ مَجِیْدٌ
2. सूरह काफिरून
कुल या अय्युहल काफिरून
ला अअबुदु मा तअबुदून
वला अन्तुम आबिदूना मा अअबुद
वला अना आबिदुम मा अबत्तुम
वला अन्तुम आबिदूना मा अअबुद
लकुम दीनुकुम वलिय दीन।
قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ
لَا أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ
وَلَا أَنْتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ
وَلَا أَنَا عَابِدٌ مَا عَبَدْتُمْ
وَلَا أَنْتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ
لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِيَ دِينِ
3. सूरह इख्लास
कुल हुवल्लाहु अहद
अल्लाहुस्समद
लम यलिद वलम यूलद
वलम यकुल्लहू कुफुवन अहद।
قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ
اللَّهُ الصَّمَدُ
لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ
وَلَمْ يَكُنْ لَهُ كُفُوًا أَحَدٌ
4. सूरह फलक
कुल अऊज़ु बिरब्बिल फलक
मिन शर्रि मा खलक
वमिन शर्रि गासिकिन इज़ा वकब
वमिन शर्रिन नफ्फासाति फिल उकद
वमिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद।
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ
مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ
وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ
وَمِنْ شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ
وَمِنْ شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ
5. सूरह नास
कुल अऊज़ु बिरब्बिन्नास
मलिकिन्नास
इलाहिन्नास
मिन शर्रिल वसवासिल खन्नास
अल्लज़ी युवसविसु फी सुदूरिन्नास
मिनल जिन्नति वन्नास।
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ
مَلِكِ النَّاسِ
إِلَٰهِ النَّاسِ
مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ
الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ
مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ
6. सूरह फातिहा
अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन
अर्रहमानिर्रहीम
मालिकि यौमिद्दीन
इय्याका नअबुदु व इय्याका नस्तईन
इह्दिनस्सिरातल मुस्तकीम
सिरातल्लज़ीना अनअमता अलैहिम
गैरिल मग़दूबी अलैहिम वलद्दाल्लीन।
الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ
اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ
صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ
غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ
7. सूरह बकराह
अलिफ लाम मीम। ज़ालिकल किताबु ला रैबा फीह, हुदल लिल-मुत्तकीन। अल्लज़ीना यूमिनूना बिलग़ैबि व युक़ीमूनस्सलाता व मिम्मा रज़क़नाहुम युनफ़िक़ून।
الٓمٓ
ذَٰلِكَ الْكِتَابُ لَا رَيْبَ ۛ فِيهِ ۛ هُدًى لِلْمُتَّقِينَ
الَّذِينَ يُؤْمِنُونَ بِالْغَيْبِ وَيُقِيمُونَ الصَّلَاةَ وَمِمَّا رَزَقْنَاهُمْ يُنْفِقُونَ
8. आयत-ए-खामसह
व इलाहुकुम इलाहुव वाहिद, ला इलाहा इल्ला हुवर्रहमानुर्रहीम।
इन्ना रहमतल्लाहि क़रीबुम मिनल मुहसिनीन।
वमा अरसलनाका इल्ला रहमतल लिल-आलमीन।
मा काना मुहम्मदुन अबा अहदिम मिर्रिजालिकुम वलाकिर्रसूलल्लाहि व खातमन नबिय्यीन।
इन्नल्लाहा व मलाइकतहू युसल्लूना अलन्नबिय्यि, या अय्युहल्लज़ीना आमनू सल्लू अलैहि व सल्लिमू तस्लीमा।
9. आखिर में दरूद शरीफ पढ़ें
सल्लल्लाहु अलन्नबिय्यिल उम्मिय्यि व आलिही, सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, सलातव व सलामन अलैका या रसूलल्लाह।
Sallal Laahu Alan Nabiyyil Ummiyyi Wa Aalihi, Sallal Laahu Alaihi Wasallam, Salaatan Wa Salaaman Alaika Ya Rasoolallah.
फातिहा के बाद क्या पढ़ें?
अला इन्ना औलियाअल्लाहि ला ख़ौफुन अलैहिम वलाहुम यहज़नून।
अल्लज़ीना आमनू व कानू यत्तक़ून।
सुब्हाना रब्बिका रब्बिल इज़्ज़ति अम्मा यसिफ़ून।
व सलामुन अलल मुरसलीन।
वल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन।
इसके बाद अल-फातिहा कहकर दुआ की जाती है और जिसको सवाब पहुँचाना हो, उसके लिए इसाले-सवाब किया जाता है।
Fatiha Ki Dua – Fatiha Me Dua Mangne Ka Tarika
ए अल्लाह! मैंने तेरी बारगाह में कुरआन शरीफ की तिलावत की और दरूद शरीफ पढ़ा। ए अल्लाह! इसे पढ़ने में जो भी गलतियाँ हुई हैं, उन्हें अपने फ़ज़्लो-करम से माफ़ फरमा।
ए अल्लाह! इस तबर्रुक का सवाब सरकारे-दोआलम हज़रत मुहम्मद ﷺ की मुकद्दस बारगाह में तोहफ़तन हदियातन पेश करते हैं, इसे अपनी बारगाह में कबूल फरमा।
हज़रत आदम अलैहिस्सलाम से लेकर हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम तक तमाम अम्बिया-ए-मुर्सलीन की बारगाह में इसका सवाब पेश करते हैं। ऐ मौला, अपनी बारगाह में कबूल फरमा।
हुज़ूर ﷺ के सहाबा-ए-किराम, अहले-बैत-ए-अतहार, अज़्वाजे-मुतह्हरात, शहीदाने-कर्बला, ताबेईन, तबे-ताबेईन, आइम्मा-ए-मुजतहिदीन, बुज़ुर्गाने-दीन, मुत्तक़ीन, सालेहीन और तमाम मोमिनीन के अरवाह को इसका सवाब पहुँचाने की दुआ करते हैं।
ए अल्लाह! इस दुनिया से जितने भी मोमिन और मोमिनात गुजर चुके हैं, उनकी मगफिरत फरमा, उनकी कब्रों को नूर से भर दे और उन्हें जन्नत में आला से आला मकाम अता फरमा।
आमीन सुम्मा आमीन।
Fatiha Ki Dua में क्या मांगें?
फातिहा के बाद अल्लाह तआला से अपनी जायज़ जरूरतों के लिए दुआ करें। अपने लिए, अपने वालिदैन, घरवालों, रिश्तेदारों और तमाम मोमिनीन के लिए खैर, आफियत, मगफिरत और रहमत की दुआ करें।
आखिरी बात
उम्मीद है कि इस पोस्ट के जरिए आपको Fatiha Padhne Ka Aasan Tarika, Fatiha Ka Tarika, fatiha ki dua, दरूद शरीफ और darood sharif in hindi को समझने में आसानी हुई होगी।
फातिहा पढ़ते समय नीयत, अदब और अल्लाह तआला की तरफ रुजू रखना अहम है। अगर आप किसी मरहूम के लिए इसाले-सवाब कर रहे हैं तो उनके लिए मगफिरत, रहमत और जन्नत में आला मकाम की दुआ करें।
अल्लाह तआला हम सबकी जायज़ दुआओं को कबूल फरमाए। आमीन।
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